मुंबई। साउथ की मशहूर अभिनेत्री साई पल्लवी इन दिनों फिल्म 'रामायण' में माता सीता का किरदार निभाने को लेकर चर्चा में हैं। ट्रेलर रिलीज़ होने के बाद से उनके मिनिमल मेकअप वाले लुक पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं, लेकिन साई का यह नैचुरल अंदाज़ कोई नई बात नहीं है। फेयरनेस क्रीम की भारी-भरकम डील की ना साल 2019 में साई पल्लवी को एक फेयरनेस क्रीम ब्रांड की ओर से विज्ञापन के लिए संपर्क किया गया था, जिसके लिए उन्हें 2 करोड़ रुपये की पेशकश हुई थी। हालांकि एक्ट्रेस ने बिना किसी हिचक के यह डील ठुकरा दी। साई शुरू से ही मेकअप और कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स से दूरी बनाए रखती हैं और अपने पिंपल्स को कैमरे के सामने छिपाने में यकीन नहीं रखतीं। बहन के दर्द ने दिखाई राह साल 2020 में एक इंटरव्यू के दौरान साई पल्लवी ने इस फैसले के पीछे की असली वजह साझा की थी। उन्होंने बताया कि उनका रंग उनकी बहन से थोड़ा साफ है, और बचपन में जब उनकी बहन सब्जियां-फल खाने से मना करती थीं, तो परिवार में यह कहकर मनाया जाता था कि इससे रंग गोरा हो जाएगा। यह देखकर उन्हें गहरा दुख होता था और उन्होंने अपनी बहन के लिए इस तरह की सोच के खिलाफ आवाज़ उठाने का फैसला किया। पैसों से बड़ा है सिद्धांत एक्ट्रेस ने कहा था कि इस तरह के पैसों का कोई मतलब नहीं, अगर वह अपनी बहन और उन जैसे बाकी लोगों के लिए खड़ी नहीं हो पातीं। उनके मुताबिक अगर पैसा कमाने के बावजूद वे सही के लिए आवाज़ नहीं उठा सकतीं, तो ऐसे पैसों का कोई फायदा नहीं। हालांकि साई ने यह भी साफ किया कि जो कलाकार ऐसे ब्रांड्स से जुड़ते हैं या विज्ञापन करते हैं, वे उन्हें जज नहीं करतीं। मुंहासों से लेकर आत्मविश्वास तक का सफर एक दौर में साई पल्लवी अपने चेहरे के मुंहासों को लेकर बेहद परेशान रहती थीं और घर से बाहर निकलने में भी झिझकती थीं। उन्हें लगता था कि लोगों का ध्यान बस उनके मुंहासों पर ही जाता है। लेकिन फिल्म 'प्रेमम' की सफलता के बाद उनके भीतर आत्मविश्वास जागा, जब उन्हें एहसास हुआ कि दर्शकों ने उनकी खामियों के बावजूद उन्हें अपनाया। तभी से वे अपनी कमियों से शर्मिंदा होना छोड़ चुकी हैं।