नई दिल्ली। देश में इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल यानी E20 को लेकर छिड़ा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल इस मुद्दे पर लगातार केंद्र सरकार को घेरते आ रहे हैं, और अब उन्होंने अपने अंदाज़ में एक नया वार किया है। चुटकुले के जरिए सरकार पर निशाना केजरीवाल ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'X' पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा कि वे एक चुटकुले के माध्यम से समझाएंगे कि देश में E20 पॉलिसी किस तरह लागू की जा रही है। वीडियो में उन्होंने एक कहानी सुनाई, जिसमें अमेरिका, रूस और भारत की पुलिस के बीच जंगल में छोड़े गए एक शेर को खोज लाने की होड़ लगाई जाती है। कहानी के मुताबिक अमेरिकी पुलिस एक दिन में और रूसी पुलिस महज एक घंटे में शेर पकड़ लाती है, लेकिन भारतीय पुलिस टीम तीन दिन तक वापस ही नहीं लौटती। जब लोग जंगल में जाकर देखते हैं, तो पाते हैं कि टीम एक साधारण कुत्ते को बुरी तरह पीट-पीटकर उससे यह कबूल करवाने की कोशिश कर रही है कि वह असल में शेर ही है। इसी कहानी का इस्तेमाल करते हुए केजरीवाल ने तंज कसा कि मौजूदा सरकार भी देश की 140 करोड़ जनता के साथ कुछ इसी तरह का व्यवहार कर रही है और उन्हें मनवाने की कोशिश कर रही है कि E20 नीति सही है। पहले भी उठा चुके हैं आवाज़ गौरतलब है कि केजरीवाल बीते कुछ हफ्तों से लगातार E20 का विरोध कर रहे हैं। इससे पहले वे इस नीति के खिलाफ प्रधानमंत्री आवास तक पैदल मार्च भी निकाल चुके हैं। हाल ही में उन्होंने दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में 'नेशनल टाउन हॉल अगेंस्ट E20' नाम से एक कार्यक्रम भी आयोजित किया था, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से न सिर्फ वाहनों का माइलेज घट रहा है, बल्कि उनके पुर्जे भी खराब हो रहे हैं। सरकार के सामने रखीं तीन मांगें इसी कार्यक्रम के दौरान केजरीवाल ने केंद्र सरकार के सामने अपनी तीन प्रमुख मांगें भी रखी थीं। पहली मांग यह थी कि देश के सभी पेट्रोल पंपों पर E20 फ्यूल के साथ-साथ शुद्ध पेट्रोल का विकल्प भी उपलब्ध होना चाहिए। दूसरी मांग में उन्होंने कहा था कि इथेनॉल मिश्रित ईंधन की कीमत शुद्ध पेट्रोल से कम रखी जानी चाहिए। वहीं तीसरी मांग के तौर पर उन्होंने पेट्रोल की कीमत 84 रुपये प्रति लीटर से कम किए जाने की बात कही थी। विवाद में विपक्ष के अन्य नेता भी शामिल E20 का मुद्दा अब सिर्फ आम आदमी पार्टी तक सीमित नहीं रहा। हाल ही में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी इस नीति पर सरकार को घेरते हुए तीखी टिप्पणी की थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि यह मामला किसी छोटी गड़बड़ी का नहीं, बल्कि पूरी नीति में खामी का है।