नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को देश के युवाओं को नशे के खिलाफ आगाह करते हुए कहा कि दुश्मन देश भारत को कमजोर करने के लिए जानबूझकर देश में ड्रग्स की सप्लाई बढ़ा रहे हैं और युवाओं को अपना निशाना बना रहे हैं। क्या हुआ 'नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान' के शुभारंभ के मौके पर युवाओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जब कोई युवा नशे की गिरफ्त में आता है, तो सिर्फ वह व्यक्ति नहीं हारता, बल्कि एक सपना टूट जाता है। उन्होंने कहा कि नशे के असर सिर्फ व्यक्ति और परिवार तक सीमित नहीं रहते, बल्कि इससे राष्ट्र की समूची ताकत भी कमजोर होती है। किसने क्या कहा प्रधानमंत्री ने कहा कि दुश्मन देश हमारे युवाओं को नशे के जाल में फंसाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते। उन्होंने कहा कि ड्रग्स की सप्लाई से मुनाफा कमाना और भारत जैसे देश को कमजोर करना भी उनके आतंकी एजेंडे का हिस्सा है, इसलिए हर युवा को इस जाल से बचाना जरूरी है। उन्होंने आगाह करते हुए कहा कि नशा कुछ समय के लिए भले ही सुकून का एहसास दे, लेकिन यह पूरे परिवार को तबाह कर देता है। अभियान की रूपरेखा प्रधानमंत्री ने बताया कि आने वाले 100 रविवार नशा मुक्त भारत की दिशा में 100 मजबूत कदम साबित होंगे। इस दौरान देशभर में खेल प्रतियोगिताएं, वॉकाथन, ध्यान सत्र, सांस्कृतिक कार्यक्रम और जागरूकता अभियान आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि इस पहल की शुरुआत पिछले साल काशी से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में हुई थी और जुलाई 2025 में वाराणसी में हुए युवा आध्यात्मिक सम्मेलन में देश के 125 से अधिक आध्यात्मिक संगठनों ने 'काशी घोषणा पत्र' अपनाया था, जो नशा मुक्त भारत के लिए पांच साल की रूपरेखा तय करता है। परिवारों से अपील प्रधानमंत्री ने अभिभावकों से भी अपील की कि नशे से जूझ रहे बच्चों की मदद सामाजिक प्रतिष्ठा के दबाव में छिपाने के बजाय खुलकर करें। उन्होंने कहा कि बच्चों के व्यवहार में आए बदलाव, जैसे खुद को कमरे में बंद रखना, देर रात घर लौटना या बेवजह पैसों की मांग करना, जैसे संकेतों पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के प्रोफेसरों से भी छात्रों के साथ नशे के खतरों पर खुलकर बात करने की अपील की। महत्व प्रधानमंत्री ने कहा कि अगले 20-25 साल देश के युवाओं की दिशा तय करेंगे और यही पीढ़ी 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में अग्रणी भूमिका निभाएगी, इसलिए देश और अपने भविष्य दोनों के लिए युवाओं को नशे से दूर रहना जरूरी है। आगे क्या इस राष्ट्रव्यापी अभियान में मेरा युवा भारत प्लेटफॉर्म, राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों, स्कूल-कॉलेजों और गैर-सरकारी संगठनों को जोड़ा जाएगा, ताकि आने वाले हफ्तों में देशभर में जनभागीदारी बढ़ाई जा सके।