वाराणसी, 10 अगस्त: सावन के दूसरे सोमवार पर धार्मिक नगरी काशी में चारों तरफ केवल 'शिव भक्ति' का भाव नजर आ रहा है। भगवा रंग में रंगे बनारस में बाबा श्रीकाशी विश्वनाथ के स्वर्णमंडित दरबार में श्रद्धालु पूरे श्रद्धाभाव के साथ पवित्र ज्योतिर्लिंग पर जल अर्पित कर रहे हैं। इस बार सावन के दूसरे सोमवार पर सोम प्रदोष व्रत, बुधादित्य राजयोग, वज्र और सिद्धि योग जैसे सात बेहद दुर्लभ शुभ संयोग बन रहे हैं, जिससे शिवभक्तों का उत्साह दोगुना हो गया है। पूरा मंदिर परिसर 'हर-हर महादेव' और 'काशी विश्वनाथ शंभो' के गगनभेदी जयकारों से गूंज रहा है। परंपरानुसार, शाम के समय मंदिर के गर्भगृह में बाबा का अलौकिक गौरी-शंकर (शिव-पार्वती) शृंगार किया जाएगा। दर्शन और पूजन की इच्छा लिए लाखों श्रद्धालु रविवार शाम से ही बैरिकेडिंग में कतारों में लग गए थे। सुबह भोर में मंगला आरती के बाद जब मंदिर के कपाट खोले गए, तो मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. विश्वभूषण मिश्र और अन्य अधिकारियों ने कतारबद्ध श्रद्धालुओं पर गुलाब की पंखुड़ियाँ बरसाकर उनका स्वागत किया। इस सम्मान से अभिभूत भक्त रेड कार्पेट पर चलते हुए बाबा के दर्शनों के लिए आगे बढ़ते रहे। यह सिलसिला दिनभर से लेकर देर शाम तक लगातार जारी रहेगा। मंदिर न्यास के मुताबिक, परिसर में भक्ति और उल्लास का अद्भुत माहौल बना हुआ है। ज्योतिर्लिंग पर जलाभिषेक और झांकी दर्शन करने के बाद श्रद्धालु काशी विश्वनाथ धाम के भव्य और नव्य स्वरूप की मुक्त कंठ से प्रशंसा कर रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन व मंदिर प्रबंधन ने डॉक्टरों की टीम, एम्बुलेंस और एनडीआरएफ को तैनात किया है। इसके अलावा पीने के पानी, खोया-पाया केंद्र और पब्लिक एड्रेस सिस्टम का भी पूरा प्रबंध है। भीड़ को देखते हुए गर्भगृह से पहले ही एलईडी स्क्रीन के जरिए दर्शन की व्यवस्था की गई है। बाबा दरबार में आने वालों की लंबी लाइनें एक तरफ गोदौलिया तक तो दूसरी तरफ गंगा घाट तक लगी हुई हैं। गंगा घाट से लेकर मंदिर तक पूरा इलाका केशरिया वस्त्रधारी कांवड़ियों और भक्तों से शिवमय नजर आ रहा है। सुरक्षा व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए पुलिस अधिकारी लगातार गश्त कर रहे हैं। यातायात व्यवस्था को बनाए रखने के लिए मैदागिन से गोदौलिया व सोनारपुरा, गुरुबाग से रामापुरा व बेनियाबाग, ब्राडवे से सोनारपुरा व गोदौलिया, और भेलूपुर से रामापुरा मार्ग पर पैदल यात्रियों को छोड़कर सभी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई है।