रामपुर। उत्तर प्रदेश की सियासत में बुधवार को उस समय हलचल मच गई, जब समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव अचानक रामपुर की जिला जेल पहुंचे और वहां बंद पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खान से मुलाकात की। करीब एक घंटे तक चली बंद कमरे में बातचीत शिवपाल यादव ने जेल पहुंचकर आजम खान और उनके छोटे बेटे अब्दुल्ला आजम से लगभग एक घंटे तक बंद कमरे में विस्तार से बातचीत की। इसके तुरंत बाद वे सीधे आजम खान के आवास पहुंचे, जहां उन्होंने आजम की पत्नी और पूर्व सांसद तंजीन फात्मा तथा बड़े बेटे अदीब आजम से मुलाकात कर परिवार का हालचाल जाना। इसके बाद उन्होंने मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी का भी दौरा किया। आजम खान को गृहमंत्री बनाने का किया ऐलान जेल मुलाकात के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए शिवपाल यादव ने बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अगर 2027 के विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है, तो आजम खान को गृहमंत्री जैसे महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। उन्होंने इसे आजम खान के साथ हुए कथित अन्याय का जवाब देने वाला कदम बताया। जेल में मुश्किलों का लगाया आरोप शिवपाल यादव ने आरोप लगाया कि आजम खान जेल में गंभीर परेशानियों का सामना कर रहे हैं। उनके मुताबिक आजम खान को जमीन पर सोने के लिए मजबूर किया जा रहा है और उन्हें जरूरी दवाइयां व कपड़े तक मुहैया नहीं कराए जा रहे। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने भाजपा सरकार पर महंगाई और बेरोजगारी की अनदेखी करने का भी आरोप लगाया और सभी को एकजुट होकर 2027 के चुनाव की तैयारी में जुटने का आह्वान किया। भाजपा नेता का पलटवार- पहले मुकदमों का सामना करें शिवपाल यादव के इस बयान पर भाजपा की ओर से भी तीखी प्रतिक्रिया आई। भाजपा नेता दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और शिवपाल यादव दोनों दिन में सपने देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि आजम खान को गृहमंत्री बनाने की बात करने से पहले उन्हें अपने खिलाफ दर्ज बड़ी संख्या में मामलों और चल रही कानूनी लड़ाई का सामना करना चाहिए। आजम की मांग- अखिलेश करें प्रदेश का दौरा इसी मुलाकात के दौरान आजम खान ने पार्टी नेताओं से यह भी अपील की कि पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव जल्द से जल्द पूरे उत्तर प्रदेश का व्यापक दौरा शुरू करें, ताकि 2027 में सत्ता में वापसी के लिए जनता के बीच मजबूत माहौल तैयार किया जा सके। राजनीतिक हलकों में तेज हुई चर्चा शिवपाल यादव के इस बयान के बाद प्रदेश की सियासत में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। यह मुलाकात और गृहमंत्री पद को लेकर किया गया ऐलान 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सपा की रणनीति और आजम खान को लेकर पार्टी की प्रतिबद्धता को साफ तौर पर दर्शाता है।