नई दिल्ली। 30 जुलाई से शुरू हुए सावन मास में अब पहले सोमवार व्रत का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है, जो कल यानी 3 अगस्त को पड़ रहा है। क्या है खास हिंदू पंचांग के अनुसार सावन का पहला सोमवार 3 अगस्त 2026 को है, जबकि दूसरा सोमवार 10 अगस्त, तीसरा 17 अगस्त और चौथा 24 अगस्त को पड़ेगा। पहले सोमवार के दिन उत्तराभाद्रपद नक्षत्र और सुकर्मा योग का शुभ संयोग बन रहा है, जिससे इस दिन की गई पूजा का महत्व और बढ़ जाता है। धार्मिक मान्यता पौराणिक कथाओं के अनुसार माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी और सावन सोमवार का व्रत भी रखा था। इसी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें अपनी अर्धांगिनी के रूप में स्वीकार किया था। मान्यता है कि अविवाहितों के लिए यह व्रत अच्छा जीवनसाथी पाने का माध्यम है, जबकि विवाहित लोग सुखी दांपत्य जीवन के लिए यह व्रत रखते हैं। पूजा विधि भक्तों को सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र अर्पित करना चाहिए। इसके बाद घी का दीपक और धूपबत्ती जलाकर विधिवत आरती करनी चाहिए। शाम को प्रदोष काल (शाम 7 से रात 9 बजे के बीच) में भी शिव पूजा करना विशेष फलदायी माना जाता है। तैयारियां देशभर के प्रमुख शिवालयों में मंदिर प्रशासन ने भक्तों की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और व्यवस्था के खास इंतजाम किए हैं, ताकि जलाभिषेक के दौरान श्रद्धालुओं को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े। आगे क्या पहले सोमवार के बाद अगले तीन सोमवार पर भी देशभर के शिवालयों में इसी तरह भव्य पूजा-अर्चना का सिलसिला जारी रहेगा।