ग्लासगो। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के समापन के बाद एक अजीब और चिंताजनक मामला सामने आया है। पाकिस्तानी मुक्केबाजी दल का एक किशोर खिलाड़ी अपनी टीम के साथ स्वदेश लौटने वाली फ्लाइट पर नहीं पहुंचा और तब से उसका कोई पता नहीं चल पाया है। टीम इकट्ठा हुई, लेकिन खिलाड़ी नदारद पाकिस्तान बॉक्सिंग फेडरेशन के अधिकारियों ने स्थानीय मीडिया को बताया कि जब पूरी टीम वापसी के लिए इकट्ठा हुई, तो किशोर मुक्केबाज कुदरतुल्लाह वहां मौजूद नहीं था। कुदरतुल्लाह कॉमनवेल्थ गेम्स में अपने भार वर्ग के सेमीफाइनल तक पहुंचे थे और मुकाबले के बाद उनकी एक तस्वीर भी पाकिस्तान ओलंपिक एसोसिएशन की ओर से साझा की गई थी। उनके अचानक लापता होने के बाद टीम प्रबंधन और आयोजकों में हड़कंप मच गया है। युगांडा के चार मुक्केबाज भी लापता इसी दौरान युगांडा से भी एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। युगांडा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वहां की राष्ट्रीय मुक्केबाजी टीम के चार खिलाड़ी - एंजल कातुशाबे, नुहु बाटे, इब्राहिम खेमिस और एमिली नकालेमा - भी गेम्स के बाद से लापता बताए जा रहे हैं। युगांडा के एक स्थानीय अखबार ने वहां की राष्ट्रीय मुक्केबाजी टीम 'युगांडा बॉम्बर्स' के अधिकारियों के हवाले से इन गायबियों की पुष्टि की है। 2014 के ग्लासगो गेम्स में भी हुआ था ऐसा मामला गौरतलब है कि यह पहला मौका नहीं है जब कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान ग्लासगो से खिलाड़ियों के लापता होने की घटना सामने आई हो। साल 2014 में हुए ग्लासगो गेम्स के दौरान युगांडा के ही दो रग्बी सेवन्स खिलाड़ी बेनन किज़्ज़ा और फिलिप परियो भी टूर्नामेंट के बाद गायब हो गए थे। बाद में पता चला कि दोनों ने ब्रिटेन में शरण (असाइलम) के लिए आवेदन किया था और कार्डिफ शहर में बसकर वहां की एक स्थानीय रग्बी क्लब से जुड़ गए थे। जांच में जुटे अधिकारी मौजूदा मामले को लेकर ब्रिटेन के गृह मंत्रालय (होम ऑफिस) से भी प्रतिक्रिया मांगी गई है, हालांकि अभी तक उनकी ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पाकिस्तानी और युगांडाई दोनों पक्षों के अधिकारी अपने-अपने लापता खिलाड़ियों का पता लगाने में जुटे हुए हैं।